

गोवर्धन पूजन और 56 भोग की झांकी ने श्रद्धालुओं को किया भावविभोर
बीकानेर। श्री आदि गणेश मंदिर में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा के दौरान गोवर्धन पूजन एवं 56 भोग की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा वाचक पंडित सुनील व्यास ने श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि वास्तविक धनवान वही व्यक्ति है, जो अपने तन, मन और धन से सेवा एवं भक्ति का मार्ग अपनाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी अपने धर्म और संस्कृति से दूर होती जा रही है, जबकि अपने धर्म को जानने और समझने के लिए श्रीमद्भागवत, श्रीमद्भगवद्गीता और रामायण जैसे ग्रंथों का अध्ययन आवश्यक है। इन ग्रंथों का ज्ञान न केवल व्यक्ति को संस्कारित बनाता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सदाचार और संस्कृति से जोड़ता है। कथा के दौरान राजकुमार खंडेलवाल एवं सतीश जोशी दंपति ने गोवर्धन पूजन कर धर्म लाभ प्राप्त किया। वहीं भजन संध्या में प्रस्तुत “राधे कृष्ण गोविंद गोपाल, राधे-राधे” जैसे भक्तिमय भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरे परिसर में भक्ति का उल्लास छा गया।
