

22,300 विद्यार्थियों को स्वस्थ खानपान के प्रति किया जागरूक, मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई
बीकानेर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त के निर्देशानुसार प्रदेश में 3 से 16 अक्टूबर तक सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा कोचिंग सेंटरों में ‘ईट राइट हेल्दी राजस्थान’ अभियान चलाया गया। इसके तहत बीकानेर जिले के 50 से अधिक सरकारी एवं निजी विद्यालयों तथा कोचिंग सेंटरों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। अभियान के दौरान 22,300 से अधिक छात्र-छात्राओं को पौष्टिक आहार के महत्व और फास्ट फूड के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को स्वस्थ खानपान अपनाने की शपथ भी दिलाई गई।
अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि नवरात्रि एवं दीपावली के त्योहारों को देखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों के निरीक्षण एवं नमूनीकरण का सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन कर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निरीक्षण और नमूने लेने की कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत दूध एवं दूध से बने पदार्थों, मसालों, मिठाइयों, घी, तेल, मावे तथा ड्राई फ्रूट के नमूने प्राथमिकता से लिए जाएंगे।
खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस प्रदर्शित करने के निर्देश
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर खाद्य अनुज्ञा पत्र अथवा पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। जिन कारोबारियों ने अभी तक लाइसेंस या पंजीकरण नहीं करवाया है, उन्हें तत्काल आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। ऐसा नहीं करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 58 एवं 63 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य निर्माताओं को अपने प्रतिष्ठानों में फूड हैंडलर्स का मेडिकल रिकॉर्ड, पानी की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट तथा खाद्य उत्पादों की पिछले छह माह की जांच रिपोर्ट से संबंधित फाइल संधारित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सिंथेटिक रंगों के इस्तेमाल पर रोक
विभाग ने फास्ट फूड एवं स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार के सिंथेटिक खाद्य रंगों का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी है। निर्देशों की अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मावे का कारोबार करने वालों को मिलावटी एवं फफूंद लगा मावा संग्रहित करने, उसका भंडारण करने तथा विक्रय करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। मावे को अखबार के कागज में रखने पर भी रोक संबंधी हिदायत दी गई है। पनीर, मावा, दूध एवं दूध से बनी मिठाइयों जैसे शीघ्र खराब होने वाले खाद्य पदार्थों का परिवहन कोल्ड चेन बनाए रखते हुए करने को कहा गया है।
अखबार में खाद्य पदार्थ परोसने से बचने की हिदायत
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कचौड़ी, समोसे, पकौड़े आदि खाद्य पदार्थों को अखबार अथवा रंगीन कागज में परोसने से बचने तथा प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने और आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने की अपील की है।
