

जीवन में उतरे धर्म का आचरण तभी सार्थक
बीकानेर। रांगड़ी चौक स्थित तपागच्छीय पौषधशाला में चातुर्मास प्रवचन श्रृंखला का शुभारंभ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। प्रवचन में बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबियों ने भाग लेकर धर्मोपदेश का लाभ प्राप्त किया। साध्वी प्रीतिसुधा ने अपने प्रवचन में कहा कि केवल प्रवचन सुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका वास्तविक लाभ तब मिलता है जब सुना हुआ ज्ञान हमारे जीवन, व्यवहार और आचरण में दिखाई दे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष चातुर्मास के दौरान धर्मश्रवण का अवसर मिलता है, लेकिन जिनशासन के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाना ही सच्ची साधना और धर्म पालन है। इस अवसर पर अजय बैद ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए धर्म के मार्ग पर चलने और सदाचार अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में सुरेंद्र शांतिलाल कोचर, संजय कोचर, राजेंद्र कोचर, कुसुम बद्धाणी, नीलू सेठिया, प्रभा देवी कोचर, विनोद देवी कोचर, मंजू बैद सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
