

अस्मिता का आकाश पुस्तक का हुआ विमोचन, पुस्तकों की संस्कृति के प्रति जागृति की आवश्यकता
बीकानेर/नोखा। आज के युग में आवश्यकता है पढ़ने की आदतों का विकास की। यह विचार वरिष्ठ साहित्यकार बुलाकी शर्मा ने गोविंद जोशी द्वारा लिखित पुस्तक अस्मिता का आकाश के विमोचन अवसर पर राजकीय हीराबाई गट्टानी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय नोखा में व्यक्त किये। सरस्वती वंदना के साथ ही पुस्तक का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। समय सुरभि के संस्थापक एवं राजस्थान के वरिष्ठ वयोवृद्ध साहित्यकार एवं कवि लेखक भवानी शंकर व्यास विनोद का प्राप्त संदेश हरेंद्र डूडी द्वारा वाचन कर सुनाया गया। मुख्य अतिथि ओम प्रकाश सारस्वत ने इस अवसर पर लोक संस्कृति के माध्यम से संस्कृति बचाने के लिए पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डाला। लेखक की लेखनी की विशेषताओं पर सजीव चित्रण किया। विशिष्ट अतिथि पेंशनर समाज के अध्यक्ष इंद्रचंद मोदी ने व्यवहारिक जीवन में पुस्तकों के महत्व पर चर्चा करते हुए अस्मिता का आकाश पुस्तक की विशेषता पर अपने विचार रखें। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी धनाराम प्रजापत ने सुरभि साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थान की गतिविधियों की सराहना करते हुए शिक्षा के लिए एक मील का पत्थर बताया। पत्र वाचन करते हुए उमेश आचार्य ने पुस्तक के विभिन्न खंडो का वर्णन करते हुए मुख्य संस्मरण एवं घटनाओं को उल्लिखित किया। वरिष्ठ लेखक एवं शिक्षाविद गोविंद जोशी ने इस अवसर पर अपने जीवन के कटु अनुभवों का उदाहरण देते हुए पुस्तक लेखन के लिए लोगों को प्रेरित किया। जोशी ने वर्तमान में विकृत संस्कृति को रोकने एवं मोबाइल के दुष्प्रभाव पर चर्चा करते हुए पुस्तकों की संस्कृति के प्रति जागृति की आवश्यकता बतायी। विशिष्ट अतिथि वित्तीय सलाहकार ज्योति बाला व्यास , ने पुस्तक में लिखे आलेख ’ हम जिस तरफ चले रास्ता बन गया’ – श्याम सुंदर व्यास ’ से अपने जीवन में आए बदलाव एवं प्रेरणा के बारे में विचार रखते हुए लेखक का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में भींयाराम गोदारा नोखा गांव को शतायु सम्मान से सम्मानित किया गया।
