

अंतर के चक्षु खोले
बीकानेर। रांगड़ी चौक के श्री सुगनजी महाराज के उपासरे में चातुर्मासिक प्रवचन में शनिवार को गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर म.सा. ने कहा कि बाहरी आंखों की सीमा है, वह पूर्ण सत्य का ज्ञान नहीं कर सकती। आत्म व परमात्म साक्षात्कार के लिए अंतर के चक्षु खोलने की जरूरत है।
खरतरगच्छ युवा परिषद की बीकानेर इकाई के प्रचार मंत्री धवल नाहटा ने बताया कि शनिवार को ढढ्ढा चौक के इंद्रलोक में महिलाओं का साप्ताहिक शिविर शनिवार को हुआ, जिसमें बीकानेर की साध्वीश्री दीपमाला व शंखनिधि श्रीजी ने सामायिक के महत्व की जानकारी दी। रविवार को दोपहर दोपहर 2 बजे से साढ़े तीन बजे तक बालकों का महावीर भवन में तथा बालिकाओं का शिविर इंद्रलोक में होगा। रविवार को गणिवर्य, मुनिवृंद जैन महासभा की ओर से सुबह साढ़े नौ बजे गंगाशहर के तेरापंथ भवन में आयोजित सामूहिक क्षमा समारोह में हिस्सा लेंगे। वे रविवार को सुबह पौने सात बजे डागा, सेठिया, पारख चौक के महावीर भवन से गंगाशहर के लिए विहार करेंगे।
