

वर्तमान को सार्थक बनाकर जीवन में संयम अपनाएं
बीकानेर। रांगड़ी चौक स्थित पौषधशाला में साध्वी प्रीतिरत्ना, साध्वी प्रीतिसुधा एवं साध्वी प्रीतियशा महाराजसा आदि ठाणा-3 की पावन निश्रा में धर्मसभा आयोजित हुई। इस अवसर पर साध्वी प्रीतिसुधा ने जीवन के महत्व और वर्तमान समय के सदुपयोग पर प्रकाश डाला। साध्वी प्रीतिसुधा ने कहा कि जीवन परमात्मा की दी हुई अनुपम भेंट है और अमृत के समान है। अमृत को व्यर्थ नहीं गंवाया जाता, उसी प्रकार मनुष्य को भी अपने जीवन के प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य अक्सर बीते हुए समय में जीता रहता है या भविष्य की कल्पनाओं में खोया रहता है, जबकि वास्तविक रूप से हमारे पास केवल वर्तमान ही उपलब्ध है। साध्वीश्री ने कहा कि मनुष्य को अपने भीतर काम, लोभ एवं अन्य कषायों का पोषण करने के बजाय विनम्रता, त्याग और संयम को स्थान देना चाहिए। वर्तमान में सजग रहकर सद्गुणों को अपनाने से जीवन को सार्थक एवं शांतिपूर्ण बनाया जा सकता है।
