

किसानों के प्रत्येक सुझाव पर गंभीरता से होगा काम, डबल इंजन सरकार कृषि और कृषक कल्याण के लिए कृत संकल्प
बीकानेर। राजस्थान किसान आयोग द्वारा जिला स्तरीय कृषक संवाद कार्यक्रम मंगलवार को राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित हुआ। इससे पूर्व जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक विश्वविद्यालय के कौशल विकास केन्द्र में आयोजित हुई।
कृषक संवाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष श्री सीआर चौधरी थे। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं और आवश्यकताओं को जानने, सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देने तथा किसानों के फीडबैक के अनुसार भविष्य में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी किसानों को उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से आयोग द्वारा यह संवाद किए जा रहे हैं। अब तक 12-13 जिलों में यह संवाद हुए हैं। उन्होंने कहा कि संवाद के दौरान किसानों द्वारा प्राप्त प्रत्येक सुझाव पर गंभीरता से कार्य किया जाएगा। केन्द्र और राज्य की डबल इंजन सरकार कृषि और कृषक कल्याण के लिए पूर्णतया कृत संकल्प है।
श्री चौधरी ने कहा कि किसानों के लिए बिजली और सिंचाई पानी की उपलब्धता, फूड प्रोसेसिंग और विपणन के साथ उत्पादन का उचित मूल्य मिले, इसके लिए सरकार द्वारा सतत प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज ‘पर ड्राॅप मोर क्राॅप’ की अवधारणा के साथ काम करने की जरूरत है। श्री चौधरी ने कहा कि एक समय राजस्थान के धोरों पर सिर्फ मोठ, बाजरा और मूंग जैसी परम्परागत फसलें होती थी, आज किसानों के प्रयासों से मूंगफली और तिलहनी फसलें हो रही हैं। उन्होंने बीकानेर के कृषि परिदृश्य में मूंगफली उत्पादन की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। क्षेत्र में बढ़ रहे खजूर, अनार फल बगीचा क्षेत्रफल को भी आने वाले समय की मांग बताया। किसानों को उन्नत उद्यानिकी अपनाने के लिए प्रेरित किया। संरक्षित खेती कार्यक्रम के तहत पाॅली हाउस को भी आज की आवश्यकता बताया।
