

तीसरे राज्य स्तरीय प्रज्ञा सम्मान समारोह में साहित्य, शिक्षा और रंगकर्म की विभूतियां सम्मानित
बीकानेर। प्रज्ञालय संस्थान एवं श्रीमती कमला देवी-लक्ष्मीनारायण रंगा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में नरेन्द्र सिंह ऑडिटोरियम में कीर्तिशेष लक्ष्मीनारायण रंगा की पावन स्मृति में तीसरे राज्य स्तरीय प्रज्ञा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में साहित्य, शिक्षा एवं रंगकर्म के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों का सम्मान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि स्वर्गीय लक्ष्मीनारायण रंगा द्वारा विभिन्न कलानुशासनों को दी गई समर्पित सेवाएं प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि रंगा का व्यक्तित्व नई पीढ़ी को संस्कार, साहित्यिक दृष्टि एवं सांस्कृतिक मार्गदर्शन प्रदान करने वाला रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मधु आचार्य ने कहा कि “यूँ ही कोई इंसान हर किसी के लिए ‘बाऊजी’ नहीं बन जाता। इसके लिए जिस व्यक्तित्व और कृतित्व की आवश्यकता होती है, वह स्वर्गीय रंगाजी में विद्यमान था। वे समर्पित साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पुरोधा थे।” समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मालचंद तिवाड़ी, कमल रंगा एवं राजेश रंगा उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. विमला डुकवाल, डॉ. सत्यनारायण सोनी एवं विजय सिंह राठौड़ के अपने-अपने क्षेत्रों में दिए गए महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक योगदान पर प्रकाश डाला गया। समारोह में इन तीनों प्रतिभाओं को शॉल, उपहार, लक्ष्मीनारायण रंगा की पुस्तकों के सेट एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर “प्रज्ञा सम्मान” से सम्मानित किया गया।
