

बार काउंसिल चुनाव: कमल नारायण पुरोहित ने पारदर्शिता, अधिवक्ता हित और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बनाया मुख्य मुद्दा
बीकानेर। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के सदस्य पद का चुनाव लड़ रहे पूर्व बार अध्यक्ष कमल नारायण पुरोहित ने अधिवक्ताओं से प्रथम वरीयता का समर्थन मांगते हुए अपनी प्राथमिकताओं और विजन को विस्तार से साझा किया। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यदि अधिवक्ता उन्हें चुनते हैं, तो वे प्रदेश के विभिन्न जिलों में आवश्यकता अनुसार एडवोकेट भवनों के निर्माण के लिए गंभीर प्रयास करेंगे। पुरोहित ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली प्राथमिकता बार काउंसिल में पारदर्शिता लाना है। उन्होंने कहा कि काउंसिल के चुनाव निर्धारित समय पर हों और उन पर उठने वाले सवालों का स्थायी समाधान हो, यह सुनिश्चित करना उनका लक्ष्य है। साथ ही उन्होंने अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करवाने तथा वेलफेयर स्कीम में समय के साथ आई विसंगतियों को दूर करने का संकल्प दोहराया। वेलफेयर एक्ट में उम्र सीमा को लेकर पूछे गए सवाल पर पुरोहित ने कहा कि पहले 40 वर्ष का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर 50 वर्ष कर दिया गया, जो उचित नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्वाचित होने पर इस प्रावधान में संशोधन कर इसे पुनः 40 वर्ष किया जाएगा। इसके अलावा वेलफेयर टिकट में वार्षिक बढ़ोतरी के अनुरूप अधिवक्ताओं को मिलने वाले लाभों में भी वृद्धि करने का आश्वासन दिया।
नवोदित अधिवक्ताओं के लिए राज्य स्तर पर सेमिनार
1998 में अपने दादा पंडित लक्ष्मीनारायण पुरोहित के मार्गदर्शन में वकालत की शुरुआत करने वाले कमल नारायण पुरोहित ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवा अधिवक्ताओं को शुरुआती दौर में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे, जहां वरिष्ठ अधिवक्ता अपने अनुभव साझा कर नवोदित वकीलों को व्यावहारिक मार्गदर्शन देंगे।
बार एसोसिएशन में किए कार्यों को देना चाहते हैं निरंतरता
बीकानेर बार एसोसिएशन के दो बार अध्यक्ष रह चुके पुरोहित ने अपने कार्यकाल (2016 और 2021) के दौरान किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अधिवक्ताओं के हित में कई महत्वपूर्ण पहलें कीं। इनमें लोकल वेलफेयर स्कीम, महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग कॉमन रूम, नई व पुरानी बिल्डिंग में करोड़ों रुपए के विकास कार्य, 48 चैम्बर स्लॉट की स्वीकृति, वाटर कूलर, शौचालय, टीन शेड, चौकी निर्माण, कुर्सियों की व्यवस्था, बंद पड़े चैम्बर्स को पुनः शुरू करवाना, एडवोकेट कॉलोनी के लिए यूआईटी से प्रस्ताव पारित करवाना और मेडिकल आपातकालीन सहायता जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों से अधिवक्ताओं की गरिमा को बनाए रखने में मदद मिली और अब वे इन्हीं प्रयासों को बार काउंसिल स्तर पर आगे बढ़ाना चाहते हैं।
अधिवक्ताओं से समर्थन की अपील
कमल नारायण पुरोहित, जो 2002 से 2004 तक नगर परिषद में पैनल लॉयर और 2009 से 2014 तक पीपी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, ने प्रदेशभर के अधिवक्ताओं से इस चुनाव में प्रथम वरीयता का वोट देने की अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि यदि उन्हें अवसर मिला, तो वे अधिवक्ताओं के विश्वास पर खरा उतरते हुए अपनी सभी प्राथमिकताओं को पूरा करने का हर संभव प्रयास करेंगे।
