

परशुराम जयंती पर सामाजिक समरसता का संदेश, दंपत्तियों का चरण अभिषेक कर किया सम्मान
बीकानेर। सर्व कामगार सेवा संघ व विप्र फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक समरसता का प्रेरणादायक संदेश दिया गया। इस अवसर पर सर्व कामगार सेवा संघ के प्रदेशाध्यक्ष एवं विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव भंवर पुरोहित ने आराध्य देव भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर समाज में समानता और एकता का भाव मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रदेश महामंत्री राम स्वरूप हर्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि रामचरित मानस के भगवान राम और केवट प्रसंग से प्रेरणा लेते हुए एक विशेष पहल की गई। इसी क्रम में वाल्मीकि समाज के जगदीश सोलंकी अपनी पत्नी सरोज देवी तथा राजू वाल्मीकि अपनी पत्नी राजू देवी के साथ आमंत्रित किए गए। भंवर पुरोहित ने अपने निज निवास के आंगन में इन दंपत्तियों के चरण धोकर उनका अभिषेक किया और उन्हें सम्मानपूर्वक तुलसीकृत रामचरित मानस की प्रति भेंट की। इस अवसर पर भंवर पुरोहित ने अपने संबोधन में कहा कि महापुरुषों को जाति और धर्म के आधार पर बांटना समाज के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा फुले, भगवान परशुराम, स्वामी केशवानंद और संत वाल्मीकि जैसे महापुरुष किसी एक समाज के नहीं, बल्कि पूरे समाज के होते हैं। इनका जीवन समाज सुधार और मानवता की सेवा के लिए समर्पित रहा है। हमें इनके विचारों को अपनाकर समाज में समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। कार्यक्रम में टेकचंद बरड़िया, चम्पेश भाई, उमेश सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन ने सामाजिक एकता और समानता का मजबूत संदेश देते हुए सभी वर्गों के बीच आपसी सम्मान और सद्भाव को प्रोत्साहित किया।
