

52 वर्षों की परंपरा का प्रतीक: डॉ. पुरोहित निभाएंगे नृसिंह स्वरूप
बीकानेर। शहर के लालाणी व्यासों के चौक में आयोजित होने वाला पारंपरिक नृसिंह महोत्सव इस वर्ष भी श्रद्धा और उत्साह के साथ 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। वर्ष 1975 में मास्टर रूपनारायण पुरोहित द्वारा शुरू किया गया यह मेला पिछले 52 वर्षों से निरंतर आयोजित होता आ रहा है और नरसिंह चतुर्दशी पर शहरवासियों के लिए आस्था और उत्सव का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस बार महोत्सव की विशेष आकर्षण दंत चिकित्सक डॉ. राजीव नारायण पुरोहित होंगे, जो भगवान नृसिंह का स्वरूप धारण कर मंचन करेंगे। चौक में आकर्षक सजावट की जा चुकी है और आयोजन की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। डॉ. राजीव नारायण पुरोहित ने बताया कि उनकी भगवान नृसिंह के प्रति आस्था बचपन से रही है। उन्होंने बताया कि लालाणी व्यासों के चौक में उनका ननिहाल है और उनके नाना स्वर्गीय हरिनारायण व्यास भी पूर्व में नृसिंह स्वरूप धारण कर चुके हैं। बचपन से इस परंपरा को देखते हुए उनके मन में भी यह इच्छा थी कि एक दिन वे स्वयं नृसिंह स्वरूप धारण करें, जो इस वर्ष पूरी होने जा रही है। एडवोकेट ललित नारायण पुरोहित ने जानकारी दी कि मेले की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन के दौरान भगवान नृसिंह के प्रकट होने का मंचन किया जाएगा, जिसमें प्रतीकात्मक रूप से हिरण्यकश्यप का वध दर्शाया जाएगा। इसके बाद शाम को आरती होगी और श्रद्धालुओं को पंचामृत व प्रसाद वितरित किया जाएगा। नृसिंह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह शहर की सांस्कृतिक परंपरा को भी जीवंत बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
