

श्रीमद्भागवत कथा में कपिल एवं ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण वर्णन
बीकानेर। स्थानीय दाऊजी रोड स्थित श्री आदि गणेश मंदिर में श्री आदि गणेश भक्त मंडल के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लिया। कथा वाचक पंडित सुनील व्यास ने शुक आगमन, भीष्म स्तुति, कपिल चरित्र एवं ध्रुव चरित्र जैसे दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए धर्म, भक्ति और वैराग्य का संदेश दिया।
पंडित व्यास ने कपिल भगवान और माता देवहूति के संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य के सुख-दुख का मूल कारण उसकी आसक्ति है। संसार की वस्तुओं में आसक्ति दुःख का कारण बनती है, जबकि यही आसक्ति यदि भगवान एवं उनकी भक्ति में परिवर्तित हो जाए तो मोक्ष का द्वार खुल जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने वाली दिव्य ज्ञानगंगा है।
मंडल अध्यक्ष अविनाश चन्द्र व्यास ने बताया कि कथा के तीसरे दिन जड़ भरत चरित्र, राजा ऋषभदेव के उपदेश, भौगोलिक एवं खगोलीय वर्णन, नरक प्रसंग, अजामिल चरित्र, वृत्रासुर की भक्ति तथा प्रह्लाद चरित्र का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। कथा के दौरान रामजी व्यास ने भजनों की मधुर प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। इधर, गोपेश्वर बस्ती में भी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन जारी है। कथा वाचक पंडित आनंद महाराज ने राजा परीक्षित और शुकदेव जी के प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि भागवत कथा का श्रवण अनेक जन्मों के पापों का नाश कर आत्मिक शांति प्रदान करता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और विदुरजी के प्रेम प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान को प्रेम और भक्ति ही सबसे प्रिय है। कथा में मुख्य यजमान श्याम सुन्दर सोनी ने पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया। कथा में श्रद्धालुओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
