

कार्याशाला आयोजित
बीकानेर। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में गंगाशहर महिला मंडल द्वारा आयोजित कार्यशाला में बोथरा भवन में मुनि कमल कुमार ने कहा कि जैन धर्म में सुख दुख का कर्ता स्वयं को माना है। लोग आज के इस माहौल में भौतिकता में बह रहे हैं उन्होंने पानी का आध्यात्मिक महत्व बताते हुए कहा कि पानी की एक बूंद में असंख्य जीव होते हैं और लोग स्नान आदि कार्यों में पानी का दुरुपयोग करते हैं। गंगाशहर महिला मण्डल मन्त्री मीनाक्षी आंचलिया ने सभी का स्वागत किया और बताया एक बुन्द एक सागर जल संरक्षण पर निबन्ध प्रतियोगिता जिसका विषय था -“भविष्य में पानी या हमारा भविष्य पानी पानी “का आयोजन भी किया गया है जिसमे 10 बहनों ने भाग लिया है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता जैन कन्या महाविद्यालय के प्रो धनपत जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा महिला मण्डल द्वारा वैश्विक समस्याओं पर प्रहार किया जाता है उनके प्रति सबको जागरूक करने का प्रयत्न किया जाता है ताकि यह समस्याएं अपना भयावय रूप लें उससे पहले हम सचेत हो जाए। कार्यक्रम का सुन्दर संचालन कनक गौलछा ने किया ।स्थानीय सभी संस्था के पदाधिकारीयों गरिमामय उपस्थिति रही।
