

राजस्थानी भाषा-साहित्य को बढ़ावा देने वाले निर्णय का स्वागत
बीकानेर। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा भारतीय शिक्षा व्यवस्था में राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति को पढ़ाने के निर्णय का बीकानेर में सर्वत्र स्वागत किया जा रहा है। राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के पूर्व सचिव पृथ्वीराज रतनू ने कहा कि इस निर्णय से राजस्थान के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे तथा पूरे प्रदेश में राजस्थानी संस्कृति का व्यापक प्रचार-प्रसार होगा। मनमोहन कल्याणी ने कहा कि इस फैसले से राजस्थानी साहित्य के लेखन और प्रकाशन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर गोपाल सोनी, आलोक प्रताप सिंह, सुनील गुप्ता, दीनदयाल व्यास, राजेन्द्र बोथरा, प्रवीण गुप्ता, शशीमोहन मुंधड़ा, राजेश चुरा, एस. जी. सोनी, घनश्यामदास कल्याणी एवं रमेश शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त की।
