

ऋषि-मुनियों एवं संतों के चित्रों और जीवनियों का अनावरण
बीकानेर। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय परिसर में नव-निर्मित भवनों का नामकरण भारतीय ऋषि-मुनियों एवं संत विभूतियों के नाम पर किए जाने की श्रृंखला में बुधवार को संबंधित भवनों में उनके चित्रों एवं जीवन परिचय की स्थापना का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के न्यासी एवं प्रतिनिधियों ने भाग लेकर महान संतों और ऋषियों के जीवन-दर्शन, आध्यात्मिक चिंतन तथा समाज के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगुरु आचार्य मनोज दीक्षित के मुख्य आतिथ्य में हुआ। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान अर्जन का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। इस अवसर पर आचार्य तुलसी, मां करणी, कपिल मुनि, संत रामसुखदास जी महाराज तथा संत सोमगिरी जी महाराज के चित्रों एवं जीवन परिचय का अनावरण किया गया। वक्ताओं ने इन महान विभूतियों के आध्यात्मिक चिंतन, मानवीय मूल्यों, समाज सेवा तथा राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन सत्य, सेवा, सदाचार और आध्यात्मिक चेतना के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में कपिल मुनि ट्रस्ट की ओर से बनवारीलाल सेवग, श्री करणी माता मंदिर न्यास की ओर से शंकरदान, आचार्य तुलसी के संबंध में सुरपत बोथरा तथा संत रामसुखदास जी महाराज के संबंध में श्यामसुन्दर महाराज ने भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रेरक उद्बोधन दिए।
