

त्रि-पुस्तक समीक्षा एवं लोकार्पण समारोह सम्पन्न, शोध एवं साहित्य को बताया समाज की दिशा
बीकानेर। बीकानेर साकेत शिक्षण संस्था एवं टीम धरणीधर के संयुक्त तत्वावधान में धरणीधर रंगमंच पर त्रि-पुस्तक समीक्षा एवं लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा एवं शोध जगत से जुड़े विद्वानों ने भाग लिया। समारोह में डॉ. मुकेश हर्ष द्वारा रचित तीन पुस्तकों — भारतीय संस्कृति समाज और पुष्करणा, बीकानेर की छतरियाँ : स्थापत्य एवं कलात्मक अध्ययन तथा चूरु जिले का स्थापत्य एवं कलात्मक अध्ययन — का अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से लोकार्पण किया गया। आनन्द जोशी ने कहा कि शोध एवं साहित्य समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं और ऐसे कार्यों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में बीकानेर की छतरियाँ : स्थापत्य एवं कलात्मक अध्ययन पुस्तक की समीक्षा डॉ. नितिन गोयल ने की। वहीं भारतीय संस्कृति समाज और पुष्करणा पुस्तक की समीक्षा डॉ. अमित कुमार व्यास ने प्रस्तुत करते हुए कहा कि बीकानेर में निवास करने वाले लोगों का समाज और संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। तीसरी पुस्तक चूरु जिले का स्थापत्य एवं कलात्मक अध्ययन की समीक्षा श्रीमती सुनीता विश्नोई ने की। उन्होंने बताया कि पुस्तक में मंदिरनुमा छतरियों, हवेलियों एवं चूरु जिले की स्थापत्य कला का विस्तृत एवं प्रभावी वर्णन किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेठानंद व्यास ने कहा कि इतिहास को निष्पक्ष दृष्टिकोण से पुनर्लेखन की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों एवं शोधार्थियों से नए दृष्टिकोण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. राजेन्द्र पुरोहित ने कहा कि वे विज्ञान के विद्यार्थी होने के बावजूद इतिहास और संस्कृति के विषयों से गहरा जुड़ाव रखते हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. सुमंत व्यास ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे शोध कार्यों की अत्यंत आवश्यकता है, जो विकसित भारत की दिशा में मार्गदर्शक बन सकें। डॉ. मेघना शर्मा ने कहा कि इन पुस्तकों में समाज एवं स्थापत्य कला जैसे महत्वपूर्ण विषयों को विशेष रूप से उभारा गया है। इस अवसर पर रामप्रकाश रंगा, लाल भादानी, प्रो. चंद्रशेखर कच्छावा, राजेश चूरा, डॉ. महेन्द्र पुरोहित, डॉ. नरेन्द्र कल्ला, डॉ. सी.एस. मोदी, डॉ. पवन रांकावत, डॉ. दिनेश सेवग, दीपक हर्ष, शरद जोशी, नरेन्द्र व्यास सहित अनेक गणमान्यजन एवं सहयोगी संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे।
