

जीवन में निर्मलता ओर पवित्रता का भाव होना चाहिए
बीकानेर। मुनि कमल कुमार स्वामी ने प्रवचन देते हुए कहा कि हाथी ताकतवर व विशालकाय होता है, लेकिन एक छोटे से अंकुश से उसे काबु में किया जाता है। उसी प्रकार से ध्यान साधना से मन रूपी घोड़े को वश में, काबु में किया जा सकता है। जीवन में निर्मलता ओर पवित्रता का भाव होना चाहिए। भावों की शुद्धि की आवश्यकता आज भी है और आगे भी रहेगी। मुनि श्री ने कहा कि आचार्य श्री तुलसी का यह वाक्य हमेशा याद रखना चाहिए कि सादा जीवन उच्च विचार अपने आचरण को अच्छा बनाओ, अपने विचारों को अच्छा बनाने का प्रयास करते रहो। आज इस अवसर पर संचेती परिवार के युवा पीढ़ी के बच्चों ने अपने विवाह – व अन्य मांगलिक अवसरों पर 21 व्यंजन से अधिक नहीं बनाने का संकल्प लिया।
