

नानी बाई रो मायरो कथा का समापन
बीकानेर। करूण भक्ति एवं समर्पण भाव पर आधारित नानीबाई रो मायरो कथा के समापन अवसर पर व्यास पीठासीन कथा वाचक उत्कृष्ट महाराज ने बताया कि करूण प्रार्थना सुनकर द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण परिवार सहित नानीबाई के ससुराल पधारने पर नानीबाई की प्रसन्नता का भाव देखने योग्य थे। महाराज ने कहा कि ‘भगवान भक्त के अधिन है’, और भक्त भगवान के। नरसी कहते है कि मेरे गोपाल पर भरोसा तो कर के देखो, सब कुछ संभव हो जाएगा। कथा प्रसंगानुसार भर दे मायरो, सांवरियो भात भरण ने आवियो, ओढ़ो ओढ़ो नी बाई, लाया है चुनड़ भाई आदि भजनों के गायन से श्रीमती सरस्वती आचार्य, संगीतकार लालजी वैरागी कथा प्रसंगों को साकार कर दिया।
