

पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन स्वाध्याय दिवस के रूप में मनाया
बीकानेर। तेरापंथ भवन में साध्वी त्रिशला कुमारी के सान्निध्य में पर्युषण महापर्व का दूसरा दिन ‘स्वाध्याय दिवस’ के रूप में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समवेत स्वरों में मंगल प्रस्तुति के साथ हुआ। साध्वी त्रिशला कुमारी ने कहा कि हम सभी यात्री हैं और निरंतर यात्रा कर रहे हैं। अनंत काल से हमारी जन्म-मरण की यात्रा चल रही है। उन्होंने कहा कि इस संसार रूपी यात्रा से पार पहुंचने का साधन आत्मचिंतन और आध्यात्मिक साधना है। साध्वी रश्मि प्रभा ने ‘स्वाध्याय हमारे लिए क्यों जरूरी है’ विषय पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने स्वाध्याय को आत्मज्ञान और आध्यात्मिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। साध्वी निश्चय प्रभा ने पर्युषण महापर्व के धर्मों के अंतर्गत क्षमा धर्म का मार्मिक विवेचन करते हुए क्षमा के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्मलाभ लिया।
