

नवपद ओली पर्व के जप,तप, साधना आराधना के अनुष्ठान शुरू
बीकानेर। रांगड़ी चौक के सुगनजी महाराज के उपासरे में रविवार को गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर, मुनि मंथन प्रभ सागर व बालमुनि मीत प्रभ सागर, साध्वीश्री दीपमाला व शंखनिधि श्रीजी के सान्निध्य में सोमवार को सुगनजी महाराज के उपासरे में नवपद ओली पर्व जप,तप, साधना-आराधना के अनुष्ठान शुरू हुए। पहले दिन अरिहंत परमात्मा का स्मरण, वंदन,जाप किया गया। गणिवर्य मेहुल प्रभ सागर म.सा. ने सोमवार को आध्यात्मिक पर्व नवपद ओली के प्रथम दिन सुगनजी महाराज के उपासरे में नौ पदों में प्रथम पद अरिहंत भगवान का स्मरण, नमन व वंदन करते हुए कहा कि जिन शासन में सर्वोंपरि व विशिष्ट स्थान अरिहंत परमात्मा का है। वीतरागी अरिहंत परमात्मा करुणा के भंडार व दया के सागर तथा समस्त प्राणियों के लिए कल्याणकारी व उपकारी है। अरिहंत परमात्मा की शरण लेने वाले निर्भय हो जाते है। अरिहंत परमात्मा आलौकिक रूप से निष्काम मोक्ष की भावना से साधना, आराधना व भक्ति करने वाले भक्तों की रक्षा करते है। धर्म-आध्यात्म व मोक्ष के मार्ग की ओर प्रेरित करते हैं ।
