

बीकानेर। मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को कमजोर करने, महात्मा गांधी के नाम को हटाने तथा रोजगार के कानूनी अधिकार को समाप्त करने की साज़िश के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर तथा राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार मनरेगा बचाओ संग्राम शनिवार से संपूर्ण जिले में विभिन्न स्तरों पर चलेगा। इसी परिप्रेक्ष्य में शनिवार को प्रेस वार्ता में अनूपगढ़ एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी जिला प्रभारी शिमला नायक ने कहा कि ग्राम पंचायत की शक्तियां ठेकेदारों को सौंपी जा रही हैं। पहले मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों को अपने गाँव के विकास के लए विभिन्न कार्याेें में मज़दूरों को नियोजित करने का अधिकार था। विकास कार्यों की योजना और सिफारिश ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं द्वारा की जाती थी। जिला कांग्रेस कमेटी देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत काम तय न्यूनतम मज़दूरी पर दिया जाता था, जिसमें हर साल बढ़ोतरी की जाती थी। साल के 365 दिन काम उपलब्ध रहता था, ताकि ज़रूरत पड़ने पर परिवारों के पास कमाई का विकल्प हमेशा मौजूद रहे। जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि मनरेगा के तहत देश भर के प्रत्येक ग्रामीण परवार को काम की कानूनी गारंटी प्राप्त थी। देश की कसी भी ग्राम पंचायत में कसी भी परवार द्वारा काम माँगने पर 15 दनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था। जिला संगठन महासचिव प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि प्रेसवार्ता में पूर्व मंत्री भंवरसिंह भाटी, जिला प्रमुख मोडाराम मेघवाल, पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, पूर्व मंत्री वीरेन्द्र बेनीवाल आदि मौजूद थे।
