

तपस्या का लक्ष्य आत्म शुद्धि हो
बीकानेर। गंगाशहर तेरापंथ भवन में मुनि कमल कुमार स्वामी के पावन सान्निध्य में तपस्वी पवन छाजेड़, अभिनव छाजेड़ और अरविंद भंसाली की तपस्या का अनुमोदन कार्यक्रम अत्यंत उल्लासमय वातावरण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुनिश्री कमल कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए फरमाया कि तपस्या कर्म निर्जरा और आत्म शुद्धि के लिए करनी चाहिए, जिससे स्वास्थ्य, विचार, व्यवहार, परिवार, कारोबार और सत्कार – इन सभी पहलुओं में नवीनता के दर्शन हों।
मुनिश्री ने पवन छाजेड़ की मासखमण तपस्या की विशेष सराहना की। उन्होंने बताया कि तेरापंथ सभा के उपाध्यक्ष पद पर पवन छाजेड़ अभी कार्यरत हैं, बड़े मनोबल और संकल्प बल से तपस्या की है। उन्हें उनकी माता किरण देवी और पत्नी बिंदु का महनीय सहयोग प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उनके पुत्र कुलदीप ने भी तपस्या करने की भावना प्रकट की। मुनिश्री ने पवन के उत्साहवर्धन के लिए एक गीत का संगान भी किया। अभिनव छाजेड़ और अरविंद भंसाली ने अठाई की तपस्या का प्रत्याख्यान किया। इसके अतिरिक्त, तारा देवी बैद ने 26, हीरा देवी बाफना ने 9, और सुरेंद्र भूरा ने 8 की तपस्या का प्रत्याख्यान किया।
