

श्रावक-श्राविकाओं ने सुना मंगल पाठ
बीकानेर। जैन श्वेताम्बर तपागच्छ के श्रुत भास्कर वर्तमान गच्छाधिपति, जैनाचार्य विजय धर्मधुरंधर सूरीश्वरजी महाराज ने सोमवार को कोचरों के चौक में हुए संक्रांति महोत्सव में बीकानेर सहित देश-प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए हजारों श्रावक-श्राविकाओं को संक्रांति व मंगलपाठ सुनाया। समारोह में मुंबई की मुमुक्षु सुश्री कृति पंकज भाई दोशी का विभिन्न संगठनों ने अभिनंदन किया वहीं जैनाचार्य व साध्वीवृंद को कम्बली ओढ़ाने का लाभ स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय राम रतन कोचर परिवार ने लिया। जैनाचार्य सहवृति मुनि सोमवार को ही भीनासर की ओर विहार कर गए।
जैनाचार्य धर्म धुरंधरही महाराज ने प्रवचन में कहा कि बीकानेर की धर्मधरा को वल्लभ नगरी के रूप में देव, गुरु व धर्म के प्रति समर्पण के कारण सम्मान मिला है। धर्म व अध्यात्मक की ज्योति का आलौक बढ़ता रहे, इसके लिए श्रावक-श्राविकाएं जिनालयों में पूजा,दर्शन वंदन व जाप करे। मुनि ऋषभचन्द्र महाराज ने कहा कि श्रावक-श्राविकाएं ज्ञान, दर्शन व चारित्र की आराधना करें। ज्ञान की आराधना में अपने आपको जाने, दर्शन की साधना में अपने आपको देखें तथा चरित्र की आराधना करते हुए अपने आप में व्याप्त त्रुटियों व कमियों को सुधारें।

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