

मौन से भी सीखी जा सकती है जीवन की कला
बीकानेर। मुनि कमल कुमार स्वामी के लाड़नू प्रस्थान से पूर्व गंगाशहर में मंगल भावना समारोह की त्रिवेणी बह रही है। समारोह के तीसरे दिन आज श्रावकों के बाद संत वृंदों ने मुनि प्रवर के प्रति कृतज्ञता और मंगल कामनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और मुनियों के आत्मीय संबंधों से सराबोर नजर आया। मुनि कमल कुमार ने कहा कि पिछले दो दिनों से श्रावक समाज और आज मुनि वृंद ने जो मंगल भावनाएं की हैं, वह धर्म के प्रति अनुराग का प्रतीक है।
मुनि प्रबोध कुमारजी ने कहा कि कमलकुमार जी का सान्निध्य ऊर्जादायक रहा। उनके मौन प्रवास से हमने बहुत कुछ सीखा।
