

लक्ष्य प्राप्ति के लिए गीता का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण
बीकानेर। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को दृष्टिगत रखते हुए पिछले 28 वर्षों से लिखित परीक्षा का आयोजन होता रहा है, जिसके फलस्वरूप इस परीक्षा से अब तक लाखों विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं, उसी कड़ी में मंदिर अधिष्ठाता पूज्य स्वामी श्रीविमर्शानंदगिरि जी महाराज के सान्निध्य में 29वीं गीता ज्ञान लिखित परीक्षा का शुक्रवार, 19 सितंबर, 2025 को प्रातः 11 से 12 बजे तक विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित हुई ।
गीता ज्ञान परीक्षा के इस महायज्ञ हेतु संदर्भित निर्धारित ग्रन्थ – श्रीमद्भगवद्गीता क्रमांक 20, गीताप्रेस, गोरखपुर अथवा मानव प्रबोधन प्रन्यास द्वारा प्रकाशित गीता-पुस्तक की सहायता से विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न-पत्र को हल किया। इस अवसर पर पूज्यश्री स्वामीजी महाराज ने कहा कि जीवन के गीता बालिकाओं हेतु सर्वाधिक उपयोगी है तथा जीवन के लक्ष्य प्राप्ति के लिए भी इसका महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।
मानव प्रबोधन प्रन्यास के विजेन्द्र सिंह भाटी बताया कि 24वीं गीता श्लोक स्मरण परीक्षा का आयोजन रविवार, 16 नंवबर को श्रीलालेश्वर महादेव मंदिर, प्रांगण में किया जाएगा, जिसमें विद्यार्थी को एक श्लोक अर्थ-सहित सही होने पर 10 पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी, अर्थात् निर्धारित श्लोकों में से विद्यार्थी जितने भी श्लोक अर्थ सहित कण्ठस्थ करके सुनायेगा उसे उतने ही श्लोकों के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। आज गीता ज्ञान लिखित परीक्षा के सफल आयोजन के लिए पूज्यश्री स्वामी जी महाराज ने सभी गीता ज्ञान परीक्षा के प्रभारियों व कार्यकताओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
