

तपस्या के महत्व पर डाला प्रकाश
बीकानेर। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा गंगाशहर के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय वर्षीतप अभिनन्दन समारोह का दूसरा दिन मुनि अमृत कुमार के सान्निध्य में श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर आध्यात्मिक वातावरण का लाभ उठाया। इस अवसर पर प्रवचन देते हुए मुनि अमृत कुमार ने कहा कि मन की पवित्रता के लिए एकान्तर तप कर्म निर्जरा का अत्यंत प्रभावशाली साधन है। उन्होंने बताया कि तपस्या केवल वर्तमान जीवन को ही नहीं संवारती, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव आगामी जीवन पर भी पड़ता है। उन्होंने साधना, संयम और आत्मशुद्धि के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मुनिश्री के विचारों को आत्मसात करते हुए तप और साधना के मार्ग पर अग्रसर होने का संकल्प लिया। इस अवसर पर नवरतन बोथरा, पूर्व अमरचंद सोनी, जतनलाल संचेती, पवन छाजेड़ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
