

साधुमार्गी प्रवासी सम्मेलन का आगाज, धर्म समर्पण और घटती जैन जनसंख्या पर मंथन
बीकानेर। आदिनाथ भवन में दो दिवसीय साधुमार्गी बीकानेर प्रवासी सम्मेलन का शुभारंभ श्रद्धा एवं उत्साह के साथ हुआ। सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए साधुमार्गी जैन संघ के 200 से अधिक श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर धर्म, समाज और संस्कारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन के संयोजक सुशील बैद ने बताया कि पहले दिन देव, गुरु और धर्म के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ जैन समाज की घटती जनसंख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित प्रवासियों ने आचार्यश्री रामलालजी महाराज के मंगल पाठ का श्रवण किया तथा बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि के संदेश को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। अपने संदेश में राजेश मुनि ने कहा कि प्रवासी समाज अपने कला-कौशल, ज्ञान, ध्यान, तप और सेवा को देव, गुरु एवं धर्म के प्रति समर्पित करे। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक श्रावक-श्राविका आदर्श दिनचर्या अपनाते हुए युवा, किशोर और बाल पीढ़ी को जैन धर्म, संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास करें। इस अवसर पर अमित गोलछा, राजेंद्र गोलछा, प्रीति डागा, कुसुम देवी सेठिया, सुरेश बच्छावत, कोलकाता से प्रवीण पटवा, सतेंद्र सेठिया सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
