

दहेज प्रतिषेध दिवस पर लिया दहेज मुक्त समाज बनाने का संकल्प
बीकानेर। महिला एवं बाल विकास विभाग ने जिला प्रशासन के निर्देशानुसार त्रैमासिक सेक्टर बैठक के दौरान दहेज प्रतिषेध दिवस मनाया। सेक्टर ए के खटीकों के मोहल्ले में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के प्रति लोगों को जागरूक करना और दहेज मुक्त समाज का संदेश देना रहा। राजेश कंवर ने बताया कि कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और स्थानीय महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 एवं राजस्थान दहेज प्रतिषेध नियम, 2004 की जानकारी देते हुए दहेज प्रथा को महिलाओं के सम्मान, समानता और अधिकारों के लिए गंभीर चुनौती बताया गया। सभी से दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विवाह सामाजिक और सांस्कृतिक संस्कार है, इसे आर्थिक लेन-देन का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए। दहेज प्रथा के उन्मूलन के लिए परिवार, समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। साथ ही बालिकाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने दहेज प्रथा का बहिष्कार करने तथा समाज में इसके विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने की शपथ ली। इस अवसर पर सेक्टर ए की मंजुला पड़िहार, सेक्टर बी की मंजू खड़गावत सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।
