

राष्ट्रीय बागवानी मिशनः समन्वित फसलोत्तर प्रबंधन पर अनुदान के लिए प्रस्ताव आमंत्रित
बीकानेर। उद्यानिकी उत्पादों की फसल तुड़ाई उपरांत हानि को कम करने, खराब होने से बचाने, संरक्षित करने, गुणवत्ता बनाए रखने, सेल्फ लाइफ बढ़ाने, मूल्य संवर्धन के लिए प्रसंस्करण करने, उत्पादों के बेहतर मूल्य दिलवाकर कृषकों की आय में वृद्धि करने, उपभोक्ताओं को वर्ष भर ताजा एवं पौष्टिक खाद्य उपलब्ध कराने में कोल्ड चैन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि पीएचएम के तहत फार्म गेट पैक हाउस पर अधिकतम 25 लाख रुपए प्रति इकाई लागत का 50 प्रतिशत अनुदान, इंटीग्रेटेड पैक हाउस अधिकतम 160 लाख रुपए प्रति लाभार्थी का 35 प्रतिशत अनुदान, कोल्ड रूम स्टेजिंग अधिकतम 52 लाख रुपए प्रति लाभार्थी का 35 प्रतिशत अनुदान, विभिन्न प्रकार के कोल्ड स्टोरेज 9600 रुपए प्रति मै.टन (अधिकतम 5000 मै.टन क्षमता के लिए) लागत का 35 प्रतिशत अनुदान, रेफ्रिजरेटेड ट्रान्सपोर्ट व्हीकल 31 लाख रुपए अधिकतम 14 मैट्रिक टन क्षमता के लिए व इससे कम क्षमता न्यूनतम 4 मैट्रिक टन तक प्रोरेटा आधार पर लागत का 35 प्रतिशत अनुदान, राईपनिंग चैम्बर 1.20 लाख रुपए प्रति मै.टन (अधिकतम 300 मै.टन) तक लागत का 35 प्रतिशत अनुदान, कम लागत के प्याज-लहसुन भण्डारण स्ट्रक्चर 7000 रुपए प्रति मै. टन, 5 मै. टन से 1000 मै. टन तक क्षमता की इकाई पर प्रोरेटा बेसिस पर 50 प्रतिशत अनुदान, सौलर कॉप ड्रायर रूपये 2.50 लाख प्रति इकाई (70 किलो ग्राम क्षमता) रूपये 3.5 लाख प्रति इकाई (100 किलो ग्राम क्षमता) प्रत्येक लाभार्थी को अधिकतम 5 इकाई पर लागत का 40 प्रतिशत अनुदान, मूल्य संवर्धन हेतु सेकंडरी प्रासेसिंग इकाईयों की स्थापना पर अनुदान देय है।
