

पशुचिकित्सा और आयुर्वेद विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू, संयुक्त शोध को मिलेगा बढ़ावा
बीकानेर। राजस्थान पशुचिकित्सा और पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजुवास), बीकानेर तथा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के मध्य शनिवार को शिक्षा, शोध एवं प्रसार गतिविधियों के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू हस्ताक्षर समारोह के दौरान राजुवास के कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास तथा आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ला उपस्थित रहे। इस अवसर पर दोनों विश्वविद्यालयों के अधिकारियों ने आपसी सहयोग के विभिन्न आयामों पर चर्चा की। कुलगुरु डॉ. सुमंत व्यास ने बताया कि इस समझौते के तहत दोनों विश्वविद्यालय शिक्षण, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों में संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि पशुचिकित्सा विज्ञान में आयुर्वेद आधारित शोध को नई दिशा मिलेगी, जिससे किसानों, पशुपालकों और आमजन को लाभ पहुंचेगा। साथ ही पशु स्वास्थ्य, जैव विविधता, पारंपरिक चिकित्सा तथा ‘वन हेल्थ’ (एकल स्वास्थ्य) जैसे क्षेत्रों में नवाचार और अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं कुलगुरु प्रो. गोविंद सहाय शुक्ला ने कहा कि आयुर्वेद और पशुचिकित्सा विज्ञान के बीच अंतर-विषयी सहयोग से नवीन शोध संभावनाओं का विकास होगा। इससे समाजोपयोगी अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी तथा पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से प्रभावी समाधान विकसित किए जा सकेंगे।
