

31 लाख से अधिक अपात्रों ने स्वेच्छा से छोड़ी खाद्य सुरक्षा, 31 अक्टूबर तक बढ़ी अभियान की अवधि
बीकानेर। गिव अप अभियान राज्य में सामाजिक न्याय, खाद्य सुरक्षा सूची शुद्धिकरण, स्वैच्छिक त्याग की भावना व निर्धन सेवा का पर्याय बन गया है। यह अभियान न केवल नैतिकता आधारित आमजन की सोच को उजागर कर रहा है, बल्कि सहयोग और समन्वय का मार्ग भी दिखा रहा है। ऐसे में समाज के सक्षम तबके के अक्षम और गरीबों के प्रति दायित्व और अधिक बढ़ जाते हैं। यह उद्गार राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने खाद्य आपूर्ति सेवा समिति एवं विभागीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यक्त किए। बैठक में श्री गोदारा सचिवालय में प्रवर्तन एजेंसी से गिव अप अभियान तथा खाद्य सुरक्षा सूची में नए नाम जोड़े जाने की प्रक्रिया का फीडबैक ले रहे थे।
