

एक माह के वैदिक प्रशिक्षण शिविर का समापन, 135 प्रशिक्षुओं ने सीखी रुद्री एवं शिव उपासना विधि
बीकानेर। पंडित बाबूलाल शास्त्री ज्योतिष बोध संस्थान द्वारा रघुनाथसर मंदिर में आयोजित निःशुल्क रुद्रासष्टाध्यायी (रुद्री) पाठ, शिव पूजा विधि, शिव महिम्न स्तोत्र, शिव तांडव स्तोत्र एवं रुद्राष्टकम् के एक माह तक चले प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोहपूर्वक हुआ। शिविर संयोजक पं. राजेन्द्र किराड़ ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में 135 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को रुद्राष्टाध्यायी के साथ-साथ शिव महिम्न स्तोत्र, शिव तांडव स्तोत्र, पंचाक्षर मंत्र, रुद्राष्टक एवं अन्य वैदिक स्तोत्रों का विधिवत अध्ययन एवं अभ्यास करवाया गया। समापन समारोह के अवसर पर सामूहिक रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिवेन्द्राश्रम महाराज ने युवाओं को संस्कारों एवं वैदिक परंपराओं से जोड़ने के लिए गुरुकुल व्यवस्था तथा ऐसे प्रशिक्षण शिविरों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैदिक शिक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। पं. जुगलकिशोर ओझा ने कहा कि नित्य त्रिकाल संध्या एवं गायत्री उपासना ब्राह्मण समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है और इससे आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। नगर विधायक जेठानंद व्यास ने संस्था द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले वैदिक प्रशिक्षण शिविरों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी में भारतीय संस्कृति एवं वैदिक संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ती है। इस अवसर पर देवकिशन चांडक, पं. मुरलीधर पुरोहित, पं. संतोष व्यास, मदनगोपाल व्यास सहित अनेक गणमान्यजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
