

बिना बड़ी सर्जरी और गंभीर साइड इफेक्ट्स के लिवर कैंसर का सफल इलाज
जयपुर बीकानेर। आधुनिक चिकित्सा तकनीकों ने अब लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और कम जोखिम वाला बना दिया है। इसका एक सफल उदाहरण जयपुर के इटर्नल हॉस्पिटल में देखने को मिला, जहां 73 वर्षीय एक बुजुर्ग मरीज को बिना किसी बड़ी सर्जरी और पारंपरिक कीमोथेरेपी के गंभीर दुष्प्रभावों के लिवर कैंसर से मुक्त किया गया। अस्पताल के वरिष्ठ इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग गुप्ता ने बताया कि मरीज पहले से ही फेफड़ों की गंभीर बीमारी इंटरस्टीशियल लंग डिजीज (आईएलडी) से पीड़ित थे और लंबे समय से स्टेरॉयड दवाओं का सेवन कर रहे थे। नियमित जांच के दौरान सीटी स्कैन में लिवर में आठ से नौ सेंटीमीटर का बड़ा घाव दिखाई दिया। प्रारंभिक जांच में इसे सामान्य ट्यूमर माना गया, लेकिन विस्तृत परीक्षण और ट्राइफेजिक सीटी स्कैन में यह हेपेटोसेलुलर कार्सिनोमा (लिवर कैंसर) पाया गया। डॉ. गुप्ता ने बताया कि मरीज की उम्र और फेफड़ों की गंभीर स्थिति को देखते हुए ओपन सर्जरी करना बेहद जोखिमपूर्ण था। ऐसे में मरीज को ट्रांस-आर्टेरियल कीमो-एंबोलाइजेशन (TACE) नामक आधुनिक और मिनिमली इनवेसिव तकनीक से उपचार का विकल्प दिया गया।
