

गौ सम्मान अनुष्ठान में गौ सेवा, ध्वजारोहण और जल संरक्षण के कार्यक्रम आयोजित
बीकानेर। संत भावनाथ आश्रम स्थित गौशाला में आयोजित गौ सम्मान अनुष्ठान के तहत मंगलवार को विभिन्न धार्मिक एवं सेवा गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों एवं सेवादारों ने भाग लेकर गौ सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अनुष्ठान के संयोजक प्रहलाद ओझा ने बताया कि गौशाला परिसर में अब तक 500 से अधिक ध्वजाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि पूर्णिमा तक इनकी संख्या 551 पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि 25 फीट ऊंचे रेत के धोरों पर 11 विशेष ध्वजाएं स्थापित की जा रही हैं। ध्वजारोहण के दौरान संबंधित गायों के नामों का उच्चारण एवं संकीर्तन भी किया गया। अनुष्ठान के दौरान गौशाला परिसर में बनी पानी की कुंडियों के साथ-साथ दूर-दूर तक गायों, हिरणों एवं पक्षियों के लिए बनाई गई खेलियों और पालसलियों की साफ-सफाई कर उन्हें पानी से भरा गया। इस अवसर पर भावनाथ महाराज ने गौ महिमा ‘बहुला’ नामक गाय की कथा का श्रवण कराया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने किए गए पापों का सच्चे मन से पश्चाताप करे, भविष्य में पाप न करने का संकल्प ले तथा गौ सेवा, गौदान, गौ नाम-संकीर्तन या गौ दर्शन जैसे पुण्य कार्यों में से किसी एक का भी पालन करे, तो उसके पापों का क्षय होता है। कार्यक्रम में पूर्व सरपंच झवरलाल कच्छावा, धन सिंह चौधरी, विष्णु भाटी, सोहन महाराज उपाध्याय, भूराराम कुम्भार, सुमेर सिंह, बजरंग सिंह एवं नीरज पूनम भाटी सहित अनेक सेवादारों ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
