

श्रीमद्भागवत कथा में उमड़े श्रद्धालु, संतों का हुआ समागम
बीकानेर। भीनासर स्थित गौरक्ष धोरा धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिवस की कथा में कथा वाचक श्री धर्मेश जी महाराज ने ध्रुव चरित्र और शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनाई। कपिल अवतार ध्रुव चरित्र सृष्टि की रचना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य जीवन बार-बार नहीं मिलता है इसलिए इस कलयुग में दया, धर्म और भगवान के स्मरण से ही सारी योनियों को पार करता है। मनुष्य जीवन का महत्व समझाते हुए भगवान की भक्ति में अधिक से अधिक समय देना चाहिए। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने पांचवां अवतार कपिल मुनि के रुप में लिया। आयोजन से जुड़े प्रवीण भाटी ने बताया कि शनिवार को संतों का समागम भी हुआ। इस दौरान विभिन्न स्थानों से संतों का आगमन हुआ तथा भोजन-प्रसादी के साथ ही संकीर्तन का भी आयोजन किया गया।
