

गोचर भूमि की किस्म यथावत रखने और अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग
बीकानेर। वैचारिक जागरण मंच ने बीकानेर क्षेत्र की गोचर भूमि की किस्म यथावत रखते हुए उसके संरक्षण तथा उसे अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। मंच के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि बीकानेर में गोचर भूमि से लंबे समय से जनभावनाएं जुड़ी हुई हैं। ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री का ध्यान इस महत्वपूर्ण विषय की ओर आकर्षित करते हुए मांग की गई कि गोचर भूमि की प्रकृति में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाए तथा इसे भविष्य में भी पशुधन और पर्यावरण संरक्षण के लिए सुरक्षित रखा जाए। पुरोहित ने कहा कि गोचर भूमि महज राजस्व अभिलेखों में दर्ज जमीन नहीं है, बल्कि यह पशुधन, पर्यावरण और ग्रामीण सामाजिक व्यवस्था से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण सार्वजनिक संसाधन है। उन्होंने कहा कि गोचर भूमि के स्वरूप में परिवर्तन अथवा उसके अन्य उपयोग को लेकर सरकार को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए और इसमें जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि गोचर भूमि का संरक्षण पशुधन के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है। मंच ने सरकार से गोचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने तथा उसके मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में हेम शर्मा, मनोज सेवग, प्रशांत तंवर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
