

वैदिक शिक्षाओं को पुनर्जीवित किया दयानंद सरस्वती ने
बीकानेर। श्री डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर में महर्षि दयानन्द सरस्वती की 202 वीं जयंती के अवसर पर के मुख्य वक्ता डॉ चंद्रशेखर कच्छावा ने कहा 12 फरवरी 1824 को गुजरात के टंकारा में जन्मे स्वामी दयानंद सरस्वती ने वेदों की ओर लौटो का नारा देकर वैदिक शिक्षाओं को पुनर्जीवित किया। उन्होंन ेसामाजिक कुरीतियों, जातिवाद और अंधविश्वास के खिलाफ आंदोलन चलाया और 1875 में आर्य समाज की स्थापना की। महर्षि दयानंद के कार्य व शिक्षा वर्तमान में भी अत्यन्त उपयोगी है। इस मौके पर डॉ. केसरमल शास्त्री, महेश आर्य आदि ने भी अपने विचार रखें।
