

नियंत्रण कक्ष स्थापित, सरकारी समितियों की बैठकों पर रोक
बीकानेर। सोलहवीं राजस्थान विधानसभा के छठे सत्र के दौरान प्राप्त होने वाले प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों एवं विशेष उल्लेखों के समय पर जवाब भिजवाने के लिए जिला कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट के कमरा नंबर 5 में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) उम्मेद सिंह रतनू को नियंत्रण कक्ष का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। आदेश के अनुसार नियंत्रण कक्ष विधानसभा सत्र शुरू होने की तिथि 20 अगस्त से सत्र समाप्ति तक सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक लगातार कार्य करेगा। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 0151-2226031 है। प्रतिदिन प्राप्त होने वाले प्रश्नों का अलग रजिस्टर संधारित किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारी की देखरेख में रोजाना सुबह 10:30 बजे शाखावार प्राप्त एवं निस्तारित प्रश्नों की अद्यतन स्थिति से प्रभारी अधिकारी को अवगत कराया जाएगा। वहीं, विधानसभा के छठे सत्र के दौरान विधायकों की सरकारी बैठकों में अनिवार्य भागीदारी को देखते हुए किसी भी स्तर की सरकारी समितियों की बैठकें आयोजित नहीं की जाएंगी। जैन ने बताया कि विधानसभा का छठा सत्र 20 अगस्त से शुरू हो रहा है। सत्र शुरू होने से दो दिन पहले और सत्र के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के दो दिन बाद तक, शनिवार एवं रविवार सहित, राज्य सरकार द्वारा गठित किसी भी राज्य, जिला या तहसील स्तरीय समिति की बैठक नहीं बुलाई जा सकेगी। उन्होंने बताया कि विशेष परिस्थिति में बैठक आयोजित करना अत्यंत आवश्यक होने पर संबंधित विधायकों की पूर्व लिखित अथवा मौखिक सहमति लेना अनिवार्य होगा। बिना विधायक की पूर्व सहमति के बैठक आयोजित करने वाले अधिकारी की कार्रवाई को विधायकों के विशेषाधिकार का हनन माना जाएगा। ऐसी लापरवाही के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ विधानसभा की विशेषाधिकार समिति द्वारा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जैन ने सभी विभागाध्यक्षों को उक्त निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
