

श्रीमद्भागवत कथा का समापन
बीकानेर। अंधी, अपंग व बीमार गौमाताओं के निमित्त माखनभोग में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का समापन मंगलवार को पूर्णाहुति हवन एवं शोभायात्रा के साथ किया गया। सातवें दिवस की कथा का वाचन करते हुए श्रीसुखदेवजी महाराज ने श्रीकृष्ण के 16 हजार 108 विवाहों, सुदामा-श्रीकृष्ण आदि प्रसंगों को सुनाया। श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का वर्णन सजीव झांकी के साथ किया गया। सुखदेवजी महाराज ने कहा कि जब तक मनुष्य को आत्मा का ज्ञान नहीं होता तब तक न तो वह भगवान को समझ सकता है और न ही स्वयं को जान पाता है। साक्षात् सत्संग का प्रयास करें, निश्चित रूप से जीवन में सुख और आनन्द की अनुभूति होगी।
