

ज्ञानशाला दिवस पर बच्चों ने दी नशामुक्ति का संदेश
बीकानेर। साध्वी त्रिशलाकुमारी के सान्निध्य में ज्ञानशाला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ज्ञानार्थियों द्वारा ज्ञानशाला गीत की प्रस्तुति से हुई। मुक्तामणी सामसुखा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर साध्वी त्रिशलाकुमारी एवं कल्पयशा ने कहा कि बच्चे कोरे कागज के समान होते हैं, उन्हें जैसा संस्कार और शिक्षा दी जाए, वे उसी अनुरूप अपना जीवन गढ़ते हैं। ज्ञानशाला में बच्चों को सम्यक ज्ञान एवं संस्कार मिलते हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकीय ज्ञान से जीविका प्राप्त की जा सकती है, लेकिन जीवन जीने की कला और सही दिशा संस्कारों से मिलती है। कार्यक्रम में ज्ञानशाला के बच्चों ने गीतिका प्रस्तुत करने के साथ नशामुक्ति पर आधारित नाटिका का मंचन किया और समाज को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस मौके पर प्रेम बोथरा, देवेन्द्र डागा, चैतन्य रांका, जतन संचेती सहित अन्य उपस्थित रहे।
