

रामलीला में हुआ श्रीराम वनवास का भावपूर्ण मंचन
बीकानेर। श्रीराम कला मंदिर संस्थान एवं रोटरी क्लब रॉयल्स, बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान में नगर सेठ लक्ष्मीनाथ मंदिर परिसर स्थित रामलीला मैदान में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। चतुर्थ रात्रि के कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की आरती के साथ हुआ। इस दौरान कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों का सजीव मंचन कर दर्शकों को भावविभोर किया। संस्थान के अध्यक्ष गिरिराज जोशी ने बताया कि रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग और मर्यादा को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। संस्थान के संरक्षक गोपाल अग्रवाल ने बताया कि कार्यक्रम में समाजसेवी राजेश चूरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। रामलीला में भगवान श्रीराम के वनवास का प्रसंग प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। मंचन में कैकेयी और मंथरा के संवाद के माध्यम से उन परिस्थितियों को दर्शाया गया, जिनके कारण भगवान श्रीराम को चौदह वर्ष के वनवास पर जाना पड़ा। पिता के वचन की मर्यादा निभाते हुए श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ वन की ओर प्रस्थान करते हैं। इस प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। रामलीला के सचिव अभिराम दंत गौड़ ने बताया कि विभिन्न कलाकारों ने अपने अभिनय से पात्रों को जीवंत बनाया। राजा दशरथ की भूमिका मक्खन जोशी, भगवान श्रीराम की भूमिका गिरिराज जोशी तथा लक्ष्मण की भूमिका साहिल रंगा ने निभाई। रामलीला के माध्यम से धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ भगवान श्रीराम के आदर्शों, पारिवारिक मूल्यों और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया जा रहा है।
