

धर्म और सेवा से मानव जीवन सार्थक होता है
बीकानेर। अयोध्या के श्रीराम वल्लभाकुंज पीठाधीश्वर श्रीश्री 1008 श्री रामशंकरदासजी महाराज ने कहा कि धर्म और सेवा मनुष्य जीवन के प्रमुख आधार हैं। सेवा और धर्म के माध्यम से व्यक्ति न केवल इस जन्म में बल्कि जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय कर सकता है। रामशंकरदास महाराज ने यह विचार श्रीकृष्ण सेवा समिति द्वारा संचालित कैंसर पीड़ितों के आश्रम में व्यक्त किए। उन्होंने आश्रम में रह रहे कैंसर पीड़ितों के स्वास्थ्य एवं शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि पीड़ित मानव की सेवा करना अपने आप में बड़ा पुण्य कार्य है, लेकिन जब यह सेवा आस्था और संवेदना के साथ की जाती है तो इसका महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद एवं पीड़ित लोगों के साथ खड़ा होना तथा उनके दुख-दर्द में सहभागी बनना ही सच्ची मानवता की पहचान है। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने महाराज का स्वागत किया और आश्रम में किए जा रहे सेवा कार्यों की जानकारी दी।
