

सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर आक्रोश, कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष
बीकानेर। बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) के अधीन लाेडा-मोडा बगेची के पास सरकारी जमीन पर कथित अवैध निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय निवासी किशन लाल पुरोहित ने सक्षम अधिकारियों को शिकायत देकर कथित अतिक्रमण के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिस सरकारी भूमि को पूर्व में तत्कालीन यूआईटी प्रशासन ने अतिक्रमण मानते हुए हटाया था, उसी स्थान पर अब दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे आम रास्ते की जमीन भी प्रभावित होने की बात सामने आई है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, सरकारी भूमि पर पूर्व में किए गए निर्माण को प्रशासन द्वारा अतिक्रमण मानकर हटाया गया था। इसके बावजूद उसी स्थान पर पुनः निर्माण कार्य शुरू होना प्रशासनिक कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद भी निर्माण जारी रहता है, तो इससे आमजन में प्रशासन के प्रति असंतोष और रोष बढ़ना स्वाभाविक है।
29 नवंबर 2024 के आदेश का हवाला, फिर भी निर्माण जारी रहने का आरोप
शिकायत में बताया गया है कि सिविल न्यायाधीश संख्या 03, बीकानेर ने अपने आदेश दिनांक 29 नवंबर 2024 में उक्त निर्माण को अतिक्रमण मानते हुए संबंधित पक्ष का दावा खारिज कर दिया था। हालांकि, शिकायतकर्ता के अनुसार इस आदेश को अपील में चुनौती दी गई है, लेकिन अभी तक वहां कोई प्रभावी स्टे ऑर्डर नहीं होने के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रशासन की जानकारी में मामला होने के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी रहना गंभीर चिंता का विषय है। यदि सरकारी भूमि एवं आम रास्ते की जमीन पर कथित रूप से निर्माण किया जा रहा है, तो संबंधित विभागों को मौके की वास्तविक स्थिति की जांच कर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
आम रास्ते की जमीन अवरुद्ध होने की शिकायत
किशन लाल पुरोहित ने बीडीए एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि मौके का राजस्व रिकॉर्ड एवं संबंधित दस्तावेजों के आधार पर सीमांकन करवाया जाए तथा सरकारी भूमि एवं आम रास्ते की स्थिति स्पष्ट की जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो निर्माण को तत्काल हटाकर सरकारी भूमि एवं आम रास्ते को अतिक्रमण मुक्त करवाया जाए। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि न्यायालय के आदेश एवं वर्तमान स्थिति की विधिवत जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी पक्ष द्वारा सरकारी भूमि पर नियम विरुद्ध निर्माण न किया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकारी जमीन और आम रास्ते किसी व्यक्ति विशेष के उपयोग के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित के लिए हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
