

गोचर भूमि को गौ अभयारण्य के लिए आरक्षित करने की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
बीकानेर। बीकानेर विकास प्राधिकरण द्वारा शहर की चारों गोचर भूमियों का अधिग्रहण किए जाने के बाद हुए आंदोलन के दौरान हुए समझौते के अनुसार अधिग्रहित भूमि को वापस करने तथा इसे गौ अभयारण्य के लिए आरक्षित घोषित करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित अधिकारियों एवं मंत्रियों को पत्र भेजा गया है। संगठन की ओर से कहा गया कि समझौते के तहत राज्य सरकार ने अधिग्रहित भूमि को गौ अभयारण्य के लिए आरक्षित करने की बात कही थी। तब तक इस भूमि को सरकार के पास सुरक्षित रखा जाना था, लेकिन छह माह बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में अब तक कोई घोषणा नहीं की गई है। पत्र के माध्यम से सरकार को आमजन की भावनाओं से अवगत कराते हुए मांग की गई कि 15 अगस्त को जब राज्य सरकार बीकानेर में मौजूद रहेगी, उसी अवसर पर बीकानेर की बहुप्रतीक्षित गौ अभयारण्य योजना की घोषणा की जाए। संगठन ने कहा कि इससे गोचर भूमि के संरक्षण के साथ गोचर समितियों, जैव विविधता, पर्यावरण संतुलन तथा निराश्रित गोवंश के संरक्षण को बड़ी सौगात मिलेगी। संगठन के सूरजमाल सिंह नीमराना ने बताया कि बीकानेर के पास स्थित चारों गोचर भूमियों को गौ अभयारण्य के लिए आरक्षित घोषित किया जाता है तो यह गोवंश संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस अवसर पर मनोज कुमार सेवक, प्रेम सिंह राठौड़, सूरज प्रकाश राव, महेंद्र जी किराड़ू, यशवीर चौधरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
