

मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना के लाभार्थियों का वार्षिक सत्यापन 31 जुलाई तक अनिवार्य
बीकानेर। मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना के अंतर्गत लाभान्वित अनाथ बच्चों, विधवा महिलाओं एवं उनके बच्चों के लिए वार्षिक सत्यापन 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से करवाना होगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेंशनधारियों के जीवित होने तथा बच्चों के अध्ययनरत होने के सत्यापन के आधार पर ही वर्ष 2026-27 में पेंशन एवं योजना का नियमित लाभ जारी रखा जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि लाभार्थी अपना वार्षिक सत्यापन नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से ऑनलाइन करवा सकते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री कोरोना सहायता आवेदन नवीनीकरण सेवा का उपयोग किया जाएगा। सत्यापन के दौरान लाभार्थियों को अपना जनआधार कार्ड तथा योजना के अंतर्गत लाभान्वित 0 से 18 वर्ष आयु तक के बच्चों का वर्ष 2026-27 का अध्ययन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। यह प्रमाण-पत्र संबंधित विद्यालय अथवा आंगनबाड़ी द्वारा जारी होना चाहिए, जिसमें विद्यालय का नाम, पता, कक्षा, प्रधानाचार्य का नाम एवं मोबाइल नंबर अंकित होना आवश्यक है। सत्यापन प्रक्रिया ओटीपी अथवा बायोमेट्रिक के माध्यम से पूरी की जाएगी। संयुक्त निदेशक ने बताया कि लाभार्थी ई-मित्र केंद्रों के अलावा संबंधित पंचायत समिति के ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी कार्यालय तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, बीकानेर स्थित संयुक्त निदेशक कार्यालय में भी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर वार्षिक सत्यापन करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना के तहत 437 विधवा महिलाओं, उनके 256 बच्चों तथा 3 अनाथ बच्चों को योजना का लाभ मिल रहा है। लाभार्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई है।
