

जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में 13 भामाशाह एवं 9 प्रेरक सम्मानित
बीकानेर। तीसवां जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह जिला परिषद सभागार में आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 13 भामाशाहों तथा 9 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलक्टर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से शिक्षा का स्तर सुदृढ़ होता है और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध होते हैं। समारोह में डॉ. सुनीता चावला ने राज्य सरकार की भामाशाह सम्मान योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये या उससे अधिक का योगदान देने वाले दानदाताओं को ‘शिक्षा विभूषण’, 30 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक का सहयोग करने वालों को ‘शिक्षा भूषण’ तथा एक लाख रुपये से 29 लाख 99 हजार 999 रुपये तक का योगदान देने वाले भामाशाहों को जिला स्तर पर ‘शिक्षा श्री’ सम्मान प्रदान किया जाता है। इसी प्रकार शिक्षा के लिए दानदाताओं को प्रेरित करने वाले प्रेरकों को भी राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मानित किया जाता है। स्वागत उद्बोधन देते हुए किशनदान चारण ने बताया कि प्रदेश में अब तक भामाशाहों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में 1,155.48 करोड़ रुपये का योगदान दिया जा चुका है, जबकि चालू वर्ष में 318 करोड़ रुपये का सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष राज्य स्तर पर 154 भामाशाहों एवं 99 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। समारोह में अनिल कुमार गोरा, बजरंग लाल राघानी, बलजीत सिंह बाजवा, चंद्रेश हर्ष, मंगतूराम जोशी, पूनमचंद सुथार, रचना शर्मा, रामलाल, रामलक्ष्मण गोदारा, संजय कुमार, सीमा शर्मा, सिराजुद्दीन तथा सुरेन्द्र कुमार को भामाशाह सम्मान प्रदान किया गया। वहीं मनोज कुमार, किशनाराम कांटिया, भंवर सिंह बीका, सांवरमल गोदारा, बहादुर सिंह, पवन कुमार मोदी, रामस्वरूप जोशी, श्रीकृष्ण चौधरी एवं श्रीमती सुनीता चौधरी को प्रेरक के रूप में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. ओमप्रकाश सारस्वत, डॉ. महेन्द्र शर्मा, एडीपीसी श्रीकृष्ण कुमार बिश्नोई, अनिल बोड़ा, रवि आचार्य सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
