

किसानों, पशुपालकों एवं विद्यार्थियों के हितार्थ कार्य करने की प्राथमिकता
बीकानेर। राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (राजुवास) की प्रबंध मंडल (बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट) की बैठक कुलपति डॉ. सुमंत व्यास की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों की समीक्षा करते हुए भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. सुमंत व्यास ने विश्वविद्यालय द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय किसानों, पशुपालकों और विद्यार्थियों के हित में निरंतर कार्य कर रहा है तथा पशुपालन क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बैठक में ऑनलाइन जुड़े खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता किसानों, पशुपालकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनके विकास से जुड़े कार्य होने चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया।
बैठक के दौरान लोक भवन के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय में रिक्त अशैक्षणिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर के माध्यम से करवाने के लिए राजुवास अधिनियम में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान किया गया। इस निर्णय को विश्वविद्यालय प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रबंध मंडल के सदस्यों ने विश्वविद्यालय में लंबे समय से रिक्त पदों को शीघ्र भरने की आवश्यकता पर जोर देते हुए राज्य सरकार स्तर पर और अधिक प्रयास किए जाने की मांग की, ताकि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियां और अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
बैठक में डॉ. गोविन्द सहाय शुक्ला, जगमाल सिंह रायका, करण सिंह राजपुरोहित, मधु कुमावत, डॉ. इन्द्रजीत सिंह, डॉ. कुलदीप चौधरी, धीरज जोशी, ऋषभ गोदारा, डॉ. सुधीर भार्गव, डॉ. लवदीप शर्मा, प्रो. गोविन्द सहाय गौतम, बी.एन. श्रृंगी तथा विनोद कुमार यादव सहित प्रबंध मंडल के सदस्य उपस्थित रहे।
