

श्री नवाह्न परायण पाठ में राम-सीता विवाह प्रसंग पर श्रद्धालु भावविभोर
बीकानेर। मानस प्रचार समिति के बैनर तले स्थानीय नृसिंह सत्संग उद्यान में आयोजित श्री नवाह्न परायण पाठ के तीसरे दिन विभिन्न प्रसंगों का संगीतमय वाचन किया गया। कथा वाचक पं. गिरधर गोपाल एवं सुशील आसोपा ने पार्वती जी द्वारा रामकथा श्रवण, सती का मोह, शिवजी द्वारा कथा महिमा का वर्णन, प्रभु राम एवं लक्ष्मण का विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा हेतु प्रस्थान, ताड़का वध तथा अहिल्या उद्धार जैसे प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। इसके साथ ही फूलों की बगिया में राम-सीता मिलन, शिव धनुष भंग, परशुराम आगमन एवं लक्ष्मण-परशुराम संवाद तथा राजा जनक के दरबार में भगवान राम और माता सीता के भव्य विवाह प्रसंगों का वाचन किया गया, जिसे सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. बुलाकीदास कल्ला भी कथा श्रवण करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि नवाह्न परायण जीवन के संकटों को दूर करने और आध्यात्मिक शांति प्रदान करने का श्रेष्ठ माध्यम है। इस अवसर पर समिति अध्यक्ष राजेश चूरा, सचिव राजेंद्र पुरोहित, बलभद्र व्यास, किशन आसोपा, हरि व्यास, बलदेव प्रसाद एवं विक्रम सहित अनेक श्रद्धालुओं ने डॉ. कल्ला का सम्मान किया।
