

किशोरों में बढ़ती मानसिक समस्याओं पर चिंता जताई
बीकानेर। विश्व बाल मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों एवं किशोरों में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति अभिभावकों और समाज को जागरूक करना रहा। इस अवसर पर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में किशोरों में डिप्रेशन, एंग्जायटी, नशे की प्रवृत्ति, आत्महत्या के विचार और डिजिटल एडिक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर समय रहते ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि उन्हें सही मार्गदर्शन और सहयोग मिल सके। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के व्यवहार, दिनचर्या और भावनात्मक बदलावों पर विशेष ध्यान देने की अपील की। साथ ही मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति भी सचेत रहने की सलाह दी। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की पहचान, समय पर परामर्श और सकारात्मक पारिवारिक वातावरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
