

वर्षीतप पारणा सम्पन्न: 44 श्रावक-श्राविकाओं ने किया तप पूर्ण
बीकानेर। बीकानेर में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के तत्वावधान में वर्षीतप पारणा का भव्य आयोजन सेवा केन्द्र व्यवस्थापिका साध्वी त्रिशला कुमारी के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। धार्मिक वातावरण में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर साध्वी त्रिशला कुमारी ने अपने प्रवचन में कहा कि तीज और तेरस अबूझ मुहूर्त माने जाते हैं। भगवान ऋषभनाथ ने वर्षीतप पारणा के लिए अक्षय तृतीया का दिन चुनकर इस तिथि को विशेष और अमर बना दिया। उन्होंने बताया कि करोड़ों वर्षों बाद भी यह परंपरा निरंतर जारी है, जो आस्था और संयम का प्रतीक है। कार्यक्रम में साध्वी रिजुबाला, साध्वी विवेक और साध्वी रश्मि यशा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए तप, संयम और साधना के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान तेरापंथी सभा के अध्यक्ष नवरतन बोथरा, तेरापंथ महिला मंडल की मंत्री रेखा चोरड़िया तथा तेरापंथ युवक परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र डागा ने वर्षीतप करने वाले सभी श्रावक-श्राविकाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया और साध्वी दीपमाला व साध्वी कल्पयशा के तप की अनुमोदना की। जानकारी के अनुसार, इस वर्ष कुल 44 श्रावक-श्राविकाओं ने वर्षीतप पूर्ण किया। वहीं साध्वी दीपमाला जी ने अपना तृतीय तथा साध्वी श्री कल्पयशा जी ने पांचवां वर्षीतप पूर्ण कर पारणा किया। कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।
